साउथैम्प्टन में इंग्लैंड और विंडीज के बीच टेस्ट सीरीज से क्रिकेट शुरू फिर हुआ। इसकी शुरुआत को लेकर उत्साह, चिंता और सस्पेंस था। क्योंकि कोरोना के मामले कम नहीं हुए हैं और एड्रिया टूर टेनिस टूर्नामेंट के दौरान कई खिलाड़ी पॉजिटिव हो गए थे, लेकिन अब तक सब कुछ अच्छा रहा है। इतने दबाव के बावजूद भी खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा। प्रोफेशनल खिलाड़ी हमेशा प्रदर्शन के लिए आतुर रहते हैं।
पहले टेस्ट के खेल की बात की जाए तो दोनों टीम का प्रदर्शन अच्छा रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने सभी डिपार्टमेंट में अच्छा खेल दिखाया है। बिना रूट के इंग्लैंड की बल्लेबाजी खराब रही। होल्डर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में छह विकेट लिए। इससे उन्होंने खुद को अच्छे ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया।
विंडीज को बढ़त और इंग्लैंड बैकफुट पर
विंडीज को पहली पारी में 114 रन की बढ़त मिली। इस कारण इंग्लैंड अभी बैकफुट पर है। लेकिन अभी मैच में बहुत कुछ बाकी है। मैच के रिजल्ट से क्रिकेट की वापसी को सफल कहा जा सकता है, लेकिन मैच में सबसे ज्यादा चर्चा रही नस्लवाद को लेकर माइकल होल्डिंग के व्याख्यान की। दोनों टीमों ने मैच के पहले घुटने के बल बैठकर ब्लैक लाइव्स मैटर को सपोर्ट किया था।
होल्डिंग ने नस्लवाद को लेकर अपने अनुभवों को साझा किया और इसे दूर करने के उपाय भी बताए। इसके अलावा इंग्लैंड की पूर्व अश्वेत महिला क्रिकेटर एबोनी रेनफोर्ड ब्रेंट ने खेल और लाइफ में नस्लवाद कैसे घुसा हुआ है, इस बारे में बताया। दोनों खिलाड़ी नस्लवाद को लेकर आवाज बुलंद किए हुए हैं।
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